पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ED के बाद CBI की भी एंट्री हो गई है। पंजाब सरकार में सरकारी टेंडर, ट्रांसफर-पोस्टिंग समेत कई मामलों में कथित करप्शन के मामले की जांच अब CBI करेगी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय जांच एजेंसी को जांच सौंप दी। कोर्ट ने CBI को इस मामले में केस दर्ज कर 2 महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। कोर्ट ने इसे गंभीर प्रकृति का मामला माना है। यह मामला ED की ओर से DGP गौरव यादव को भेजी उन चिट्ठियां से जुड़ी है, जिनमें केंद्रीय जांच एजेंसी ने कथित करप्शन के आरोपों में FIR दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस की ओर से FIR दर्ज नहीं किए जाने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। ED का दावा है कि, उसकी जांच में अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, लाइसेंस और सरकारी मंजूरियों को प्रभावित करने के आरोप सामने आए। एजेंसी ने जमीन के इस्तेमाल में बदलाव यानी चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) से जुड़े मामलों में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। ED ने नितिन गोहल, रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल, सुरेश कुमार बजाज और अन्य लोगों के नाम अपनी जांच में सामने आने की बात कही है। एजेंसी ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े संपर्कों का भी जिक्र किया। अब विस्तार से पढ़िए पूर मामला… FIR दर्ज न होने पर हाईकोर्ट पहुंची ED ED के पत्र के बाद पंजाब पुलिस ने मामले को सीधे एफआईआर में बदलने के बजाय ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन से कानूनी राय मांगी। इसी बीच ED ने दोबारा पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। सितंबर में ED ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब पुलिस को उसकी ओर से कई पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2026 में इस मामले पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और राज्य से सावधानीपूर्वक जवाब अपेक्षित है। ED को डीजीपी को भेजे गए अपने पत्र कोर्ट के सामने रखने को भी कहा गया। सितंबर में मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया। इसके बाद अब कोर्ट ने CBI जांच के आदेश किए हैं। सरकार ने आरोपों से इनकार किया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ED के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया था। नितिन गोहल ने भी ED के आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि चैट तथा बातचीत को गलत संदर्भ में पेश किया गया। ************* ये खबर भी पढ़ें: पंजाब- मंत्री अरोड़ा की कंपनी की FIR सामने आई:3 कंपनियों ने ₹2.77 करोड़ की ठगी की, GST बिल फर्जी: पैसे मांगे तो धमकाया
ED के चंगुल में फंसे पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा की कंपनी के साथ मोबाइल व अन्य सामान की खरीद फरोख्त करने वाली तीन कंपनियों ने 2.77 करोड़ रुपए की ठगी की। ठगी करने के बाद मंत्री की कंपनी जब उनसे पैसे मांगती थी तो वो उन्हें पुलिस के नाम पर धमकाते रहे। (पढ़ें पूरी खबर)
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