सोनीपत के गन्नौर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने सोमवार को एक पटवारी को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक कंपनी के बैंक लोन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के एवज में पटवारी ने कंपनी के व्यक्ति से रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की रकम देने को लेकर कंपनी के व्यक्ति ने भिवानी ACB को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता पटवारी को 90 हजार रुपए देने पहुंचा। जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की रकम ली, ACB की टीम ने उसे गन्नौर तहसील से पकड़ लिया। आरोपी को गन्नौर थाने ले जाया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। आरोपी पटवारी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। राजस्व रिकॉर्ड में करना था इंद्राज ACB के अनुसार, एक कंपनी ने बैंक से लोन लिया हुआ था। बैंक से लोन मिलने के बाद संबंधित संपत्ति की फर्द और राजस्व रिकॉर्ड में बैंक लोन का इंद्राज किया जाता है। इसका उद्देश्य लोन से जुड़ी संबंधित प्रॉपर्टी को बिना बैंक की जानकारी के बेचने से रोकना होता है। इसी प्रक्रिया को पूरा करने के एवज में आरोपी पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप है। पहले ₹2 लाख मांगे, बाद में ₹1 लाख में सौदा ACB इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने बताया कि आरोपी सचिन पटवारी गांव उमेदगढ़ का रहने वाला है और गन्नौर का हल्का पटवारी है। आरोपी सचिन ने कंपनी के व्यक्ति से लोन का इंद्राज करने के बदले ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता और पटवारी के बीच बातचीत के बाद रिश्वत की रकम ₹1 लाख में तय हुई थी। इसके बाद कंपनी के व्यक्ति ने मामले की शिकायत ACB को दी। शिकायत मिलते ही ACB ने लगाया ट्रैप कंपनी के व्यक्ति की शिकायत मिलने के बाद भिवानी ACB की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने ट्रैप लगाकर शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर पटवारी के पास भेजा। तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता ने पटवारी को ₹90 हजार दिए। इसी दौरान ACB की टीम ने आरोपी पटवारी को रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया। गन्नौर तहसील से गिरफ्तार, कोर्ट में होगी पेशी ACB टीम ने आरोपी पटवारी सचिन को गन्नौर तहसील परिसर से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से रिश्वत की ₹90 हजार की रकम बरामद की गई है। ACB की ओर से आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद अदालत के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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