नई दिल्ली: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (IRDAI) ने बीमा बिक्री और सर्विसिंग को ज़्यादा पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और ग्राहक-हितैषी बनाने के लिए इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। बुधवार को जारी पब्लिक कंसल्टेशन पेपर “Recalibrating Economics of Insurance Distribution” में कमीशन स्ट्रक्चर, खर्च, मार्केट कंडक्ट, पारदर्शिता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
- स्पष्ट जानकारी: पॉलिसी कौन बेच रहा है और उसकी भूमिका क्या है, यह साफ़ तौर पर बताया जाएगा।
- कमीशन पारदर्शिता: डिस्ट्रीब्यूटर्स को मिलने वाले कमीशन की जानकारी ग्राहकों तक पहुँचेगी, जिससे वे सही चुनाव कर सकेंगे।
- मिस-सेलिंग पर रोक: गलत तरीके से पॉलिसी बेचने पर सख्त कार्रवाई होगी, कमीशन क्लॉ-बैक और जवाबदेही तय होगी।
- जबरन बंडलिंग खत्म: बीमा को अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के साथ अनिवार्य रूप से जोड़ने पर रोक लगेगी।
- लागत दक्षता: मैनेजमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन कॉस्ट घटाने की कोशिश होगी, जिससे लंबे समय में प्रीमियम सस्ता हो सकता है।
IRDAI का कहना है कि इन सुधारों का मकसद एक “कस्टमर-सेंट्रिक, कॉम्पिटिटिव और पारदर्शी डिस्ट्रीब्यूशन इकोसिस्टम” बनाना है। फिलहाल ये प्रस्ताव स्टेकहोल्डर्स की राय के लिए खुले हैं और कंसल्टेशन प्रोसेस 25 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।

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